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दीप बनो

Slashhguitar
7/14/2026
दीप बनो

दीप बनो

Slashhguitar

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Lyrics



जब राहों पर धूल बिछी हो,
जब सपनों पर छाई शाम।
जब मन के आँगन में जैसे,
खो जाए हर एक पैगाम।

जब आँखों में प्रश्न ही प्रश्न हों,
उत्तर कहीं दिखाई न दे।
तब सुनना अपने अंतर की,
धीमी-सी वह दिव्य सदा—

⸻


दीप बनो… दीप बनो…
तुम ही नई पहचान बनो।
जो खो गए हैं अँधेरों में,
उनके लिए अरमान बनो।

चलो वहाँ जहाँ भय ठहरा,
साहस का तुम गान बनो।
दीप बनो… दीप बनो…
हर दिल का वरदान बनो।


रात कभी स्थायी नहीं,
बादल भी रुकते कहाँ।
सूरज को रोका किसने,
उड़ते हैं पंछी जहाँ।

गिरना अगर नियति भी हो,
उठना हमारा धर्म बने।
हर आँसू की हर इक बूँद,
कल की नई मुस्कान बने।

⸻

एक दीप से लाख जलें,
यही हमारा स्वप्न रहे।
नफ़रत के हर घोर धुएँ में,
प्रेम सदा सुगंध बहे।

हाथों में विश्वास लिए,
आँखों में आकाश लिए।
हम चलते हैं, हम बढ़ते हैं,
नवभारत की आस लिए।

मत पूछो कब सवेरा होगा,
तुम सूरज की राह बनो।
मत सोचो कौन जलाएगा,
तुम पहला ही दीप बनो।

जब-जब मानव हार गया है,
विश्वास ने जीत लिखी।
एक किरण ने मिलकर ही तो,
पूरी दुनिया रोशन की।

हम प्रकाश हैं, हम विश्वास हैं,
हम भविष्य की पहचान हैं।
अंधियारे की हर दीवार पर,
हम आशा का अभियान हैं।

दीप बनो… दीप बनो…
हर मन का उत्सव बनो।
अपने भीतर सूरज लेकर,
धरती का आलोक बनो।

ना कोई छोटा, ना कोई बड़ा,
हर जीवन अनमोल रहे।
जब तक इस धरती पर मानव,
तब तक प्रेम अडोल रहे।


दीप बनो… दीप बनो…
अंधकार का अंत बनो।
खुद जलकर जग को राह दिखाओ,
भारत का नव प्रांत बनो।

दीप बनो… दीप बनो…
मानवता की शान बनो…

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