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21
Rambhaktimarg2
9/9/2026

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Rambhaktimarg2
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Lyrics
## Lyric **[Intro]** *[धीमी बारिश की आवाज़, दूर बजता पियानो]* कहीं दूर से आती हुई, एक आवाज़ पहचानी सी है… **[Verse 1]** भीगी सड़कों पे चलते हुए, तेरा साया नज़र आता है, हर बूँद में तेरी बातें हैं, हर पल तुझे याद दिलाता है। तूने कहा था रुक जाऊँगी, जब भी बुलाऊँ आ जाऊँगी, वो बात अभी भी गूँजती है, जब भी बारिश बरसाती है। **[Pre-Chorus]** वक़्त बदला, मौसम बदले, पर ये दिल अब भी वही है, तेरे बिना अधूरी हर शाम, हर सुबह भी वही है। **[Chorus]** ये सिलसिला है पुराना, तेरी यादों का, मेरे नाम, हर राह पे तू ही मिलती है, हर मोड़ पे तेरा ही नाम। दूर हो तू फिर भी लगे, पास है तू हर साँस में, लौट आ एक बार सनम, बस इतना ही अरमान है। **[Verse 2]** अकेली रातें पूछती हैं, कहाँ खो गई वो बातें, जो हम दोनों बुनते थे कभी, अनगिनत वो मुलाक़ातें। आसमान अब भी वही है, बस तारे कुछ कम लगते हैं, तेरे बिना ये चाँद भी यारा, अधूरा सा लगता है। **[Pre-Chorus]** हर तस्वीर में तू ही तू है, हर गीत में तेरा साया, भूलने की कोशिश में मैंने, और भी तुझे है पाया। **[Chorus]** ये सिलसिला है पुराना, तेरी यादों का, मेरे नाम, हर राह पे तू ही मिलती है, हर मोड़ पे तेरा ही नाम। दूर हो तू फिर भी लगे, पास है तू हर साँस में, लौट आ एक बार सनम, बस इतना ही अरमान है। **[Bridge]** *[भावुक पियानो + हल्की तार वाद्य ध्वनि]* अगर तू लौट के आए कभी, मुझे उसी मोड़ पे पाएगी, जहाँ छोड़ के गई थी तू, वहीं मेरी हर शाम ढलेगी। कोई शिकायत नहीं मुझे, बस एक ही चाहत बाकी है, जो सिलसिला हमने शुरू किया था, वो अब भी जारी रखी है। **[Sad Rap – भावुक, धीमी आवाज़]** तू गई, पर बातें रह गईं, हर एक पल यहीं ठहर गया, लोग कहते हैं वक़्त पे छोड़ दो, पर वक़्त भी यहीं ठहर गया। मैंने तो अपनी हर ख़ुशी, तेरे नाम पे वार दी थी, शायद तूने इक पल में ही, वो कहानी उतार दी थी। फिर भी उम्मीद बाकी है, शायद तू कभी पलट के आए, इस टूटे हुए दिल में फिर, कोई नई सुबह उतर जाए। **[Final Chorus]** ये सिलसिला रहेगा यूँही, चाहे तू पास हो या ना हो, मेरी हर धड़कन में बस, तेरा ही एक निशान हो। मैं रुका हूँ इसी मोड़ पे, तेरे इंतज़ार में आज भी, तू आए या ना आए कभी, ये सिलसिला चलता रहेगा सदा। **[Outro]** *[अकेला गिटार + हल्की सिसकती हवा]* एक सिलसिला था अपना… आज भी है वही… तू भूल गई शायद… पर मैं आज भी यहीं हूँ… तेरे लौटने की उम्मीद में…
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